किसान और आंदोलन
किसानों द्वारा आंदोलन किए जाने की बात कोई नई नहीं है, परंतु इस समय जो आंदोलन चल रहा है और उसमें जो घटनाएं घट रही हैं वे सोचने पर विवश करती हैं कि कृषि जैसे पवित्र व्यवसाय में हिंसा को स्थान कैसे मिल गया और किसान आंदोलन पर राजनीति क्यों होने लगी। यह सत्य है कि भारत में राजनीतिक सत्ता परिवर्तन हुआ है और परिवर्तन के दौर में कुछ परिवर्तन तो आएगा ही, लेकिन पक्ष विपक्ष के प्रति जनप्रक्रिया भी देखने योग्य है। इस प्रक्रिया का अभी कोई हल तो नहीं दिख रहा है परंतु जाति धर्म,देश प्रदेश, विचार और अभिव्यक्ति पटल पर काफी परिवर्तन देखने को मिलेगा, ऐसा अवश्य प्रतीत होता है।
सत्येंद्र सिंह
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